29 Jul 2013

क्या अभी भी जिंदा है नस्लवाद?

 

अमेरिका में अश्वेत नागरिक की हुई हत्या में न्यायिक फैसले का जमकर विरोध किया जा रहा है। यह प्रदर्शन एक अश्वेत नागरिक की हत्या के आरोपी की रिहाई के खिलाफ है। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, जो स्वयं एक अश्वेत हैं, ने भी इस न्यायिक फैसले पर असंतोष जताया है। इस फैसले से अमेरिका में अल्पसंख्यको के सन्दर्भ में हो रहे न्यायिक फैसलों पर स्वत: ऊँगली खड़ी हो रही है। वहीँ आंकड़ों पर नज़र डाली जाए तो पता चलता है कि विगत वर्षों में अलग-अलग जुर्मों में व गैर कानूनी मामलों में सज़ा काटने वाले कैदियों में श्वेतों की अपेक्षा अश्वेत समुदाय के नागरिकों की अधिकता रही है।

अमेरिका में अल्पसंख्यको की श्रेंणी में आने वालों की सूची में सम्मिलित अश्वेत, मुस्लिम समुदाय, स्पेनिश आदि हैं जिन्हें निरंतर न्यायिक मामलों में दोषी की दृष्टि से अधिक देखा जाता है। अश्वेतों क समर्थन में क्रांति करने वाले नेल्सन मंडेला ने अपने सार्थक प्रयासों से प्रत्येक नागरिक को सिर उठा कर जीवन जीने व पक्षपात रहित समाज को सबके सम्मुख रखा था। लेकिन आज किसी में भी भेदभाव न करने वाले क़ानून ने अपने पिछले लिए गए फैसलों के चलते स्वयं ही अल्पसंख्यक समुदाय को आवाज उठाने पर मजबूर किया है।


to be continue.....

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